विश्वकप शुरू होने से पहले ही छाई सचिन का रिकॉर्ड तोड़ने वाली शैफाली, शॉर्ट फिल्म को रोहित शर्मा ने ट्विटर पर किया रिलीज


जबरदस्त अंदाज में महज 15 साल की उम्र में अपने आदर्श सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ भारतीय महिला क्रिकेट में इंट्री करने वाली रोहतक की होनहार क्रिकेटर महिला विश्व कप शुरू होने से पहले ही ट्रेंड हो गई है। उनकी प्रतिभा को खुद भारतीय क्रिकेट में हिटमैन के नाम से विख्यात रोहित शर्मा ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिए जनता के सामने प्रदर्शित किया है। दरअसल स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टर-स्टार स्पोर्ट्स ने एक नया अभियान हैशटैगटेकऑनदवर्ल्ड प्रस्तुत किया है, जिसके पहले एपिसोड में भारतीय टीम की 16 साल की ओपनर शेफाली वर्मा दिखाई देंगी।


इस खास शो में हैशटैगटेकऑनदवर्ल्ड में शेफाली के बचपन की झलकियां दिखाई गई हैं, जो क्रिकेट खेलने की उनकी रुचि एवं अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने की उनकी लगन प्रदर्शित होगी। शैफाली विश्व कप में सलामी बल्लेबाज के रूप में हिस्सा लेगी। रोहित शर्मा ने अपने ट्विटर हैंडल पर आईसीसी महिला टी20 विश्व कप हैशटैगटेकऑनदवर्ल्ड लॉन्च किया। रोहित ने लिखा कि भारतीय टीम हैशटैगटेकऑनदवर्ल्ड के लिए तैयार है। टूर्नामेंट का पहला मैच मौजूदा चैंपियन आस्ट्रेलिया और भारत के बीच सिडनी में खेला जाएगा।



यह दिखाया इस शॉट मूवी में
इस शाट मूवी में दिखाया गया कि कैसे जब उन्हें अपने बीमार भाई के स्थान पर कुछ लड़कों के साथ अपनी स्थानीय टीम के लिए खेलने का मौका मिला। अपने ढढ़ निश्चय और विश्वास के साथ शेफाली ने इस चुनौती को स्वीकार किया और अपने स्थानीय क्लब में लड़कों के साथ प्रशिक्षण पाया। इसके बाद शतक जमाया।



शैफाली के जुनून ने उसे भारतीय टीम तक पहुंचाया
क्रिकेट को खेल से बढ़कर मानने वाले संजीव वर्मा ने ही शैफाली में क्रिकेट के जुनून को देखा फिर पहले खुद प्रशिक्षण दिया तथा फिर लड़कों के साथ खिलवाने के लिए बाल तक कटवा दिए। पिता संजीव वर्मा ने कहा जब वह 8 साल की थी, तब वह टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलती थी। जब उसने लाहली में रणजी के लिए सचिन तेंदुलकर को खेलते हुए और उनके लिए भीड़ का उत्साह देखा, तो उसे बहुत अच्छा लगा और तभी से वह सचिन तेंदुलकर जैसा बनना चाहती थी। खुशी की बात यह है कि आगे बढ़कर उसने सचिन तेंदुकलकर के ही रिकार्ड को तोड़ा।



अपनी भूमिका को लेकर काफी गंभीर है शैफाली
टीम में अपनी भूमिका को लेकर बेहद गंभीर शैफाली ने कहा कि किसी भी टी20 मैच में ओपनर्स की महत्वपूर्ण भूमिका होती है - यदि वो एक अच्छी शुरुआत करते हैं तो टीम ऐसा चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करती है, जिस तक पहुंचना प्रतिद्वंदी के लिए आसान न हो। इसलिए टीम को मजबूत शुरुआत दिलाना ही उनकी मुख्य प्राथमिकता होगा।