प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डॉक्टर रामेश्वर उरांव ने कहा कि संविधान से छेड़छाड़ कर केंद्र सरकार आदिवासियाें का हक मार रही है। राज्य में जब रघुवर की सरकार थी तब कई अादिवासी विराेधी नीतियां लागू की गईं। अारक्षण के माध्यम से ही सभी काे बराबरी का दर्जा मिलता है लेकिन इसपर भी केंद्र सरकार राजनीति कर रही है। कांग्रेस राज्य में पिछड़ाे काे 27 फीसदी अारक्षण लागू करेगी। डॉक्टर उरांव शनिवार काे राजभवन के सामने प्रदेश कांग्रेस अाेबीसी विभाग द्वारा आयोजित धरना स्थल पर उपस्थित लाेगाें काे संबाेधित कर रहे थे।
इस अवसर पर कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा केन्द्र सरकार भारत के संविधान से एक सुनियोजित षड्डयंत्र के तहत आरक्षण की व्यवस्था को समाप्त करना चाहती है। बाबा साहेब भीम राव अम्बेदकर एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बताए मार्गों को खंडित करना चाहती है प्रोन्नती हो य सार्वजनिक क्षेत्र हर स्तर पर दलित, आदिवासी एवं पिछड़े वर्गो को आरक्षण को समाप्त करना चाहती है। जिससे स्वीकार नहीं किया जायेगा। धरना का आयाेजन संविधान में आरक्षण पर मिले अधिकारों का हनन करने, सार्वजनिक पदों पर नियुक्तियों में आरक्षण का दावा नहीं करने एवं प्रोन्नति में आरक्षण नहीं दिये जाने के केन्द्र सरकार की नीतियों के विराेध में किया गया था।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस ओबीसी विभाग के चेयरमैन अभिलाष साहू ने कहा कि राज्य के 19 साल के इतिहास में 16 साल तक भाजपा की सरकार रही। इसमें भी साढ़े छह साल तक डबल इंजन की सरकार रही लेकिन ओबीसी काे 27 फीसदी आरक्षण का लाभ नहीं मिला। इसकी वजह से राज्य की जनता में भारी आक्राेश है। विधायक अंबा प्रसाद ने कहा कि आज हम धरना के माध्यम से विरोध जताने आये हैं। केन्द्र की सरकार पुरे देश में आरक्षण की व्यवस्था को समाप्त करना चाहती है। जिसको लेकर हमारा संघर्ष सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगा।
प्रदेश कांग्रेस ओबीसी, अनुसूचित जाति, तथा अनुसूचित जनजाति विभाग द्वारा दिए गए धरना के बाद राज्यपाल की अनुपस्थिति में सचिव को ज्ञापन सौंपा। धरना स्थल पर प्रदर्शनकारियाें ने केंद्र सरकार के विराेध में जमकर नारेबाजी भी की। धरना में विभिन्न जिलाें से आए कांग्रेस के प्रतिनिधि शामिल हुए।