रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि सीएए, एनआरसी व एनपीआर मामले पर केंद्र सरकार लगातार गलत बयान दे रही है। एनआरसी व एनपीआर के बहाने अल्पसंख्यकों, दलितों व पिछड़ों की नागरिकता छिनने की तैयारी है। एक ओर राज्य सरकार कहती है कि बिहार में एनआरसी लागू नहीं होगा, लेकिन दूसरी ओर अधिकारियों के पत्र बता रहे हैं कि एनपीआर की तैयारी चल रही है।
एनआरसी लागू नहीं करना चाहती तो विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाकर इसके खिलाफ प्रस्ताव पारित कराएं। शनिवार को गांधी मैदान में गांधी मूर्ति के पास महागठंधन व वामपंथी दलों के सीएए, एनआरसी व एनपीआर के खिलाफ महाधरना को संबोधित कर रहे थे। कुशवाहा ने कहा कि लोगों को एनआरसी व एनपीआर नहीं बल्कि शिक्षा और रोजगार चाहिए।
एनपीआर के बाद बिहार सहित पूरे देश की जनता से उनके पूर्वजों के जन्म प्रमाण पत्र मांगा जाएगा। हिंदु व मुसलमान की बात नहीं है। सभी वर्ग के लोगों खास कर दलित और पिछड़ों के लिए ज्यादा परेशानी की बात है। इनकी नागरिकता खतरे में पड़ जाएगी।