अब से सुषमा स्वराज के नाम से जाना जाएगा अंबाला शहर का बस स्टैंड, यहीं से छाईं थी विश्वपटल पर

अंबाला शहर के सामान्य बस स्टैंड का नाम बदलकर शनिवार को सुषमा स्वराज के नाम को समर्पित कर दिया गया। सुषमा स्वराज अंबाला की बेटी थी और यहीं से राजनीती की शुरुआत कर दिल्ली पहुंची। उन्होंने अंतराष्ट्रीय स्तर तक पहचान पाई। सुषमा स्वराज का पिछले वर्ष निधन हो गया था, जिसके बाद उनकी याद में बस स्टैंड का नाम सुषमा स्वराज के नाम पर किया गया है।


 


 




इस मौके पर परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा और स्थानीय विधायक असीम गोयल सहित सुषमा स्वराज का समस्त परिवार भी मौजूद रहा। परिवहन मंत्री ने बताया कि हरियाणा में अंबाला शहर का बस स्टैंड पहला ऐसा बस अड्डा होगा, जिसका नाम सुषमा स्वराज के नाम से जाना जाएगा। साथ ही हम चाहते हैं कि ऐसे ही शिक्षा के क्षेत्र में स्कूल और यूनिवर्सिटीज के नाम सुषमा स्वराज के नाम पर रखा जाए।



इस दौरान हरियाणा रोडवेज के लगातार गिरते रैवेन्यू पर मंत्री ने कहा कि रोडवेज गरीब जनता का जहाज है यह नो प्रॉफिट नो लॉस पर होना चाहिए। इस वक्त प्रदेश में रोडवेज के बेड़े के अंदर लगभग 4500 बसों की जरूरत है। पहले बसों की संख्या पूरी की जाएगी उसके बाद ही बसे बस स्टैंड के अंदर जा रही है या नहीं या फिर रूरल एरिया की रोडवेज कनेक्टिविटी पर बात होगी।



इनेलो नेता अभय चौटाला द्वारा दिए गए बयान की हरियाणा अब उड़ता हरियाणा के नाम से जाना जाएगा, क्योंकि नशा तस्करों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। इस पर मूल चंद शर्मा ने कहा हमारी सरकार प्रदेश के अंदर 10-15 साल से जमे हुए नशा तस्करों को बाहर खदेड़ने का काम कर रही है।



दूसरी ओर इस दौरान सुषमा स्वराज के भाई गुलशन शर्मा ने मंच से अपने संबोधन में सुषमा स्वराज के न्रेतित्व की कमी का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा इस वक्त देश के जिन विकट परिस्थितियों से गुजर रहा है। उसमे सुषमा स्वराज व उन जैसे मंत्रियों की जरूरत है। जो 10 या 15 साल बाद हमारे देश को किस चीज की जरूरत है उसे सोच सकें।